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सीएम सुक्खू ने फिर उठाए EVM पर सवाल, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

सीएम सुक्खू ने फिर EVM की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
बंगाल में भाजपा पर वोट ध्रुवीकरण और एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप
केरल में कांग्रेस की जीत पर जताई खुशी, बंगाल में भविष्य में मजबूती का दावा



शिमला में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बार फिर EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हुए राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस को केवल करीब 20 फीसदी वोट मिले थे, जो हिमाचल जैसे राज्य में असामान्य स्थिति थी। उन्होंने कहा कि इतनी कम वोट प्रतिशत पहले कभी नहीं देखी गई और तभी से उन्होंने EVM की कार्यप्रणाली पर संदेह जताया था।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह चुनावों में धार्मिक और सामाजिक आधार पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण कर रही है, जो लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने राज्य में ममता सरकार की 15 साल की एंटी-इन्कंबेंसी का लाभ उठाया है।

सीएम ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार और कार्यकर्ता के रूप में कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह चुनाव प्रचार में पोस्टर, बैनर और माइक का उपयोग होता है, उसी तरह इन संस्थानों का भी राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की स्थिति पर भी बात करते हुए कहा कि पार्टी ने करीब 20 साल बाद सभी सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन पूर्व में ममता बनर्जी के कांग्रेस से अलग होकर टीएमसी बनाने के कारण कांग्रेस को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कांग्रेस बंगाल में फिर से मजबूती के साथ उभरेगी और जनता का समर्थन हासिल करेगी।

वहीं दूसरी ओर केरल में कांग्रेस की जीत पर खुशी जताते हुए PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इसे जनता के विश्वास की जीत बताया। हालांकि उन्होंने भी मुख्यमंत्री की तरह EVM की पारदर्शिता पर सवाल उठाए, लेकिन पश्चिम बंगाल में भाजपा की बढ़त को लेकर उन्हें बधाई दी। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हार के कारणों पर गंभीर मंथन करेगी और भविष्य की रणनीति तैयार करेगी।

यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में चुनावी नतीजों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है और विभिन्न दल अपनी-अपनी जीत और हार के कारणों का विश्लेषण कर रहे हैं।